What is Computer in hindi? Merits & demerits? Generations

 

What is a computer?


Computer
Computer





Computer एक Electronic Device होता है, जो कि data को input के तौर पे लेता है और उसे process करके उसके result को हमे output के रूप में देता है। computer एक अंग्रेजी शब्द है, जो कि “compute” शब्द से बना है और इसका मतलब “गणना” करना होता है। कंप्यूटर बहुत ही तेज़ device होता है, जिसकी मदद से हम काफी सारी complex calculations कर सकते है। 



What is the Full Form of Computer?

कंप्यूटर की कोई official फुल फॉर्म तो मौजूद नहीं है, लेकिन काफी लोगो द्वारा बनाई गयी और काफी प्रसिद्ध फुल फॉर्म नीचे दी गयी है। 

C – Commonly

O – Operated

M – Machine

P – Particularly

U – Used for

T – Technology

E – Education and

R – Research


Who Invented the Computer?

Charles Babbage एक English mechanical engineer और polymath थे। Charles Babbage वो पहले inventor थे, जिन्होंने पहला digital और programmable computer बनाया था।  आज के समय के सारे computers इन्ही की देन है, इसलिए Charles Babbage को कंप्यूटर का पिता भी कहा जाता है। 


What is IPO (Input-Process-Output)?

Input - process - output
IPO


कंप्यूटर मुख्य तौर पर एक कंप्यूटर तीन ही काम कर सकता है – पहला इनपुट लेना, दूसरा उसे प्रोसेस करना और तीसरा आउटपुट देना। 

हम कंप्यूटर को अलग – अलग input devices (माउस, कीबोर्ड, स्कैनर, आदि) की मदद से डाटा देते है, जिसे इनपुट कहा जाता है और फिर उस इनपुट डाटा को CPU के द्वारा process किया जाता है और उसके result या output को अलग – अलग output devices (प्रिंटर, मॉनिटर, प्रोजेक्टर, आदि) की मदद से हुम्हे दिखाता है। 


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कंप्यूटर का इतिहास – Generations of computer

कंप्यूटर के इतिहास की बात करे तो इसमें हम computer की generations के बारे में जानेंगे कि किस तरह से समय साथ – साथ कंप्यूटर का evolution हुआ। 

computer की generation को पांच भागो में बांटा गया है। 


1. कंप्यूटर की पहली पीढ़ी – Computer’s First generation

पहली पीढ़ी के कंप्यूटर में vacuum tube का इस्तेमाल किया जाता था। vacuum tube का इस्तेमाल 1940 – 1956 तक हुआ था।  vacuum tube के इस्तेमाल की वजह से पहले के कंप्यूटर का size काफी बड़ा हुआ करता था। vacuum tube के इस्तेमाल से electricity के flow को कंट्रोल किया जाता था। कंप्यूटर का size बड़े होने की वजह से इन्हे बहुत बिजली की जरुरत होती थी और यह बहुत ज्यादा गर्म भी हो जाते थे। 


2. कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी – Computer’s Second generation

दूसरी पीढ़ी में vacuum tube के बदले Transistor का इस्तेमाल किया जाने लगा था। Transistor का इस्तेमाल 1956 – 1963 तक हुआ था। Transistor बहुत ही छोटे हुआ करते थे जिसकी वजह से vaccum tube के मुकाबले इसमें बहुत काम heat निकलती थी और Transistor काफी fast भी हुआ करते थे और यह जगह भी बहुत काम लेते थे। लेकिन heat की दिक्कत इसमें भी आने लगी थी। 


3. कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी – Computer’s Third generation

तीसरी पीढ़ी में transistor के बदले Integrated circuit का इस्तेमाल किया जाने लगा। Integrated circuit का इस्तेमाल 1964 – 1971 तक किया गया था।  Integrated circuit में बहुत सारे छोटे छोटे transistor को एक साथ रखा जाता है। इन transistor के group को एक silicon chip में रखा जाता है और इस silicon chip को भी semi – conductor भी बोला जाता है। इसकी मदद से कंप्यूटर की processing speed बहुत तेज़ हो जाती है। 


4. कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी – Computer’s Fourth generation

चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर में Microprocessor का इस्तेमाल किया गया है। Microprocessor का इस्तेमाल 1971 – 1985 तक किया गया था। Microprocessor में बहुत सारे Integrated Circuit को एक ही silicon chip में रखा गया है। इसको हम Very large-scale integration (VLSI) भी कह सकते है क्योकि इसमें IC (Integrated Circuit) के समूह को एक silicon chip रखा जाता है। ऐसा करने से कंप्यूटर का size काफी काम हो गया था। Microprocessor की मदद से कंप्यूटर की काम करने की speed और efficiency काफी बढ़ गयी और बड़े-बड़े complex calculations को काफी fast करने लगा। 


5. कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी – Computer’s Fifth Generation

पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर में और भी ज्यादा IC (Integrated circuit) को एक silicon chip में रखा गया है, जिससे कंप्यूटर की शक्ति और भी ज्यादा बढ़ सके। यह पीढ़ी 1985 – present तक है। इसको Very large-scale integration (VLSI) से बढ़ाकर Ultra large-scale integration (ULSI) कर दिया गया है। क्योकि चौथे पीढ़ी के मुकाबले इसमें ज्यादा IC (Integrated circuit) का इस्तेमाल किया जाता है।  Millions of ICs को एक ही सिलिकॉन चिप में रखा जाता है। यह पीढ़ी आज के समय की है, जिसमे Artificial intelligence जैसी technology आ चुकी है। इस पीढ़ी में और भी कई साड़ी टेक्नोलॉजी आ गयी है जैसे – parallel processing, quantum calculations, speech recognition, chatbot, आदि। धीरे धीरे सारी चीज़े automated हो जाएगी। Artificial intelligence की वजह से कंप्यूटर में खुद की लेने की सकती आ जाएगी। 



Advantages of Computers – Characteristics of computers

  1. कंप्यूटर का फायदा यह है कि यह बहुत ही तेज़ होते है। कंप्यूटर एक सेकंड में ही कई सारे instructions को process कर लेता है। यह इतना तेज़ है कि millions of calculations यह 1 सेकंड से काम समय में कर सकता है। 
  2. computer फ़ास्ट होने के साथ साथ accurate भी होते है। कंप्यूटर GIGO (Garbage in Garbage Out) सिद्धांत (principle) पर काम है। जैसा डाटा हम कंप्यूटर को वो इसे प्रोसेस करके हमे उसे तरह का आउटपुट भी देगा। कंप्यूटर हम इंसानो की तुलना में बहुत accurate होते है। 
  3. कंप्यूटर को जितना भी काम दे दो, यह कभी नहीं थकता है। इसे Diligence कहते है। कंप्यूटर हर बार अपनी पूरी स्पीड और accuracy के साथ लगातार और घंटो भर काम कर सकता है।
  4. computer का इस्तेमाल हम सिर्फ एक काम के नहीं करते है। इसका इस्तेमाल हम टाइपिंग, फोटो एडिटिंग,  एडिटिंग, एकाउंटिंग, इंटरनेट सर्फिंग, और भी कई चीज़ो के लिए करते है। इसे Versatility कहते है। 
  5. कंप्यूटर में कई सारा data को स्टोर कर सकते है। इसकी बहुत ज्यादा storage capacity होती है जैसे की 1TB (1000 GB) की क्षमता हो सकती है। 
  6. computer बहुत ही भरोसेमंद मशीन होती है। कंप्यूटर काफी सालो तक चल सकते है।



Disadvantage of computers – Limitations of computers

  1. कंप्यूटर एक मशीन है जो हम इंसानो पर निर्भर है। यह खुद से कुछ नहीं कर सकता जब तक हम इसे निर्देश (instructions) न दे। 
  2.  computer के पास कोई फीलिंग्स नहीं होती है। कंप्यूटर नहीं जानता है कि कोनसा काम गलत है या सही। यह सिर्फ निर्देशों का पालन करता है। 
  3. कंप्यूटर खुद कोई Decisions नहीं ले सकते है। 


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